Rajasthan Fireman Vacancy 21/फर्जी अंकतालिका के खेल में फस रहे बेरोजगार/हरियाणा दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रकरण
फायरमैन की भर्ती: जाली अंक तालिकाओं का खेल फिर शुरू
झांसे में आ रहे बेरोजगार 10 से 40 हजार में घर बैठे करा रहे
डिप्लोमा
प्रदेश में भर्तियों के
फिर से अनलॉक होने के साथ ही जालसाज भी सक्रिय हो गए है फायरमैन के 581 पदों की
विज्ञप्ति जारी होने के साथ ही घर बैठे अंकतालिका दिलाने का खेल शुरू हो गया है।
प्रदेश के युवाओं को दस
हजार से लेकर 40 हजार में छह महीने से लेकर एक साल के डिप्लोमा की अंकतालिका
दिलाने का दावा किया जा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार
सैकड़ों युवाओं ने इनके फेर में पैसे भी दे दिए हैं। जाली अंकतालिकाओं की वजह से
फायरमैन भर्ती में भी प्रतिस्पर्धा कई गुणा बढ़ने की संभावना है।
वहीं कम्प्यूटर शिक्षक
भर्ती की विज्ञप्ति भले ही अभी नहीं आई लेकिन कुछ निजी विश्वविद्यालयों से लेकर
विभिन्न संस्थाओं से अंकतालिका दिलाने का दावा किया जा रहा है।
इधर, भर्ती एजेन्सियों
का तर्क है कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान इस तरह की अंकतालिकाएं खुद ही रद्द हो
जाती है।
नागपुर, हरियाणा, दिल्ली से सबसे ज्यादा
पडताल में सामने आया कि सबसे ज्यादा अंकतालिका हिमाचल, उत्तराखंड,
दिल्ली, नागपुर, हरियाणा आदि राज्यों से लेकर आ रहे हैं। इन राज्यों के निजी विवि
व संस्थाओं ने यहां कई जिलों में अपना जाल बिछा दिया है।
कई संस्थाएं भी कर रही गुमराह
कुछ निजी विवि व बोर्ड के अलावा कई संस्थाओं की ओर से भी फायरमैन
का डिप्लोमा दिया जा रहा है। नियमानुसार किसी बोर्ड या विवि से सम्बद्धता लिए बिना
संस्थाओं की और से प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता।
अब तक इन परीक्षाओं में सामने आ चुका खेल
1. पुस्तकालयाध्यक्ष:
पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती परीक्षा में भी जाली अंकतालिकाओं का खेल
सामने आ चुका है। कई अभ्यर्थी ऐसे सामने आए जो परीक्षा में सफल हो गए, दस्तावेज
सत्यापन में अंकतालिका जाली निकली फिर भर्ती से बाहर का रास्ता दिखाया।
2. रीट:
रीट के जरिए 2018 में हुई तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में 15
अभ्यर्थियों ने 90 फीसदी से अधिक अंकों की जाली अंकतालिका से आवेदन कर दिया। जिला
आवंटन के दौरान हुए सत्यापन में सच्चाई सामने आ गई। इस पर तत्कालीन शिक्षा निदेशक
ने पुलिस में शिकायत दी थी।
3. रेडियोग्राफर लैब टेक्नीशियन:
रेडियोग्राफर व लैब टेक्नीशियन भर्ती का मामला अंकतालिकाओं के
विवाद की वजह से एसओजी तक पहुंच गया। अब तक 420 से अधिक जाली अंकतालिकाएं मिलने की
पुष्टि भी हो चुकी है। इनके पंजीयन के दौरान अंकतालिकाओं के जाली होने का पता लगा
था।
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