Rajeev-2021/राजीव 2021/प्रदेश विद्यार्थियों की सुनहरी योजना/अब देश विदेश में मिलेगा पढ़ाई का अवसर
राजस्थान इनोवेशन विजन (राजीव-2021) कार्यक्रम
मुख्यमंत्री श्री
अशोक गहलोत ने की “ राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस” की घोषणा
उक्त स्कॉलरशिप के तहत
प्रदेश के 200 मेधावी विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों
में अध्ययन का मिलेगा अवसर, अध्ययन का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
तीन नए प्रोग्राम लॉन्च :-
मुख्यमंत्री श्री अशोक
गहलोत ने किया राज किसान साथी पोर्टल, आई-स्टार्ट वर्चुअल इन्क्यूबेशन प्रोग्राम
और राजीव गांधी आईटी क्विजथॉन का शुभारंभ।
मुख्यमंत्री श्री अशोक
गहलोत ने की महत्वपूर्ण घोषणा
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स्टार्टअप के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल
करने वाले युवाओं को दिया जाएगा राजीव गांधी इनोवेशन अवार्ड
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प्रथम पुरस्कार के रूप में 2 करोड़ रुपए, द्वितीय
पुरस्कार के रूप में 1 करोड़ रुपए तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 50 लाख रुपए की
राशि प्रदान की जाएगी।
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"स्व. राजीव गांधी ने देश को तेजी से आगे बढ़ाने
और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए पेयजल, टीकाकरण, साक्षरता, टेलीकॉम, खाद्य
तेल और डेयरी के लिए 6 तकनीकी मिशन शुरू किए। उन्होंने 18 वर्ष की आयु के युवाओं
को मताधिकार दिया और 73वें तथा 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायत एवं
नगरीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की पहल की। उन्होंने देश की
एकता और अखंडता के साथ ही लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर
साहसिक कदम उठाए।"
ऑनलाइन कार्यों में
प्रदेश देश का अग्रणी राज्य
"ऑनलाइन माध्यम से
सरकारी कामकाज, भुगतान, हैल्थ रिकॉर्ड एवं रेवेन्यू रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन,
छात्रवृत्ति वितरण आदि में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। करीब 80 लाख परिवारों
को पेंशन का ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। जन सूचना पोर्टल के माध्यम से 73
विभागों की 432 तरह की सूचनाएं आमजन के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। उच्च स्तरीय स्टेट
डाटा सेंटर के माध्यम से आईटी आधारित सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राजीव गांधी सेंटर ऑफ
एडवांस टेक्नोलॉजी
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"जयपुर में करीब दो सौ करोड़ रुपए की लागत से
राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी की स्थापना की जा रही है। इसके माध्यम से
युवाओं को सूचना तकनीक के नवीनतम पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने का अवसर
मिलेगा।"
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"भारत में सूचना क्रांति के जनक पूर्व
प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज भारत सूचना
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पूरी दुनिया का सिरमौर बना हुआ है। शासन, प्रशासन और
जीवन के हर क्षेत्र में सूचना तकनीक का स्थान कायम हुआ है। ई-गवर्नेन्स के माध्यम
से लोगों का जीवन आसान हुआ है। राज्य सरकार संवेदनशील, पारदर्शी और जबावदेह सुशासन
के लिए प्रदेश में सूचना तकनीक का अधिकाधिक उपयोग पूरी प्रतिबद्धता के साथ
सुनिश्चित कर रही है।"।
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"स्व. राजीव गांधी ने बेहद विकट परिस्थितियों के
बावजूद देश को तकनीकी क्षेत्र में नई दिशा दी। उन्होंने इनोवेशन को प्राथमिकता
देकर संचार क्रांति का आगाज किया। उनकी दूरदर्शी सोच और मंशा को अंगीकार करते हुए
राजस्थान ने भी आईटी के क्षेत्र में तेजी से कदम आगे बढ़ाए हैं। पारदर्शी और
जबावदेह सुशासन के रूप में प्रदेशवासियों को इसका भरपूर लाभ मिल रहा है। राजस्थान
में करीब 85 हजार ई-मित्र केंद्र संचालित हैं। अब 1 हजार से अधिक जनसंख्या वाले
राजस्व गांवों में भी इनकी स्थापना की जा रही है। राज्य के 7513 राजस्व गांवों में
नए ई-मित्र खोले गए हैं और 33 जिलों, 328 तहसीलों तथा 171 उप-तहसीलों में ई-मित्र
प्लस मशीनें स्थापित की गई हैं।"
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"ई-गवर्नेन्स को बढ़ावा देने की दृष्टि से ही
हमारी सरकार के पिछले कार्यकाल में भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्रों की
स्थापना की गई थी। आज इन केंद्रों पर विभिन्न विभागों की करीब 475 सेवाएं ऑनलाइन
प्रदान की जा रही हैं। संपर्क पोर्टल के माध्यम से शिकायतों का शीघ्र निराकरण और
पारदर्शी मॉनिटरिंग की जा रही है। "
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'प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर
लाने के लिए स्टार्टअप्स को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। शहरों के साथ-साथ
अब ग्रामीण क्षेत्रों तक इनका विस्तार करने का प्रयास किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा
को अधिक रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए जोधपुर में करीब चार सौ करोड़ रूपए की लागत से
फिनटेक यूनिवर्सिटी की स्थापना की जा रही है। इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व.
राजीव गांधी के नाम पर रखा जाएगा।"
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राजीव @75 फंड के तहत 21 चयनित स्टार्टअप्स को 2 करोड़
रूपए के फंड का वितरण
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